Posts By Ravish Kumar

वॉक्स पॉप के सहारे जनता को अ-जनता बनाता टीवी – रवीश कुमार

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कौन जीतेगा? इस सवाल का जवाब नतीजा आने से पहले क्यों जान लेना चाहते हैं? इस सवाल ने पूरे चुनाव को एक सवाल में समेट कर रख दिया है। मुद्दों की तो बात नहीं हैं।…

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डी-एरिया के बादशाह अमित शाह – रवीश कुमार

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जनसभाओं में बनने वाला डी-एरिया वो सुरक्षा घेरा है जो जनता और नेता के बीच सुरक्षात्मक दूरी को रेखांकित करता है। अमित शाह के ट्विटर हैंडल @AmitShah पर कई तस्वीरें हैं जिनमें उनके और जनता…

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गानों की दुनिया का अज़ीम सितारा था, मोहम्मद अज़ीज़ प्यारा था – रवीश कुमार

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काम की व्यस्तता के बीच हमारे अज़ीज़ मोहम्मद अज़ीज़ दुनिया को विदा कर गए। मोहम्मद रफ़ी के क़रीब इनकी आवाज़ पहचानी गई लेकिन अज़ीज़ का अपना मक़ाम रहा। अज़ीज़ अपने वर्तमान में रफ़ी साहब के…

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रवीश कुमार: EPFO के आंकड़ों को समझने का तरीका और ईज ऑफ इडिंग नथिंग का ढिंढोरा

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Huffington post के अक्षय देशमाने ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दावेदारी को लेकर एक लंबी स्टोरी की है। अक्षय ने लिखा है कि इस रपट के लिए उन्होंने बैठकों के मिनट्स के सैंकड़ों पन्ने…

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अमित शाह का पीछा करती फ़र्ज़ी एनकाउंटर की ख़बरें और ख़बरों से भागता मीडिया

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नहीं छपने से ख़बर मर नहीं जाती है। छप जाने से अमर भी नहीं हो जाती है। मरी हुई ख़बरें ज़िंदा हो जाती हैं। क्योंकि ख़बरें मैनेज होती हैं, मरती नहीं हैं। बस ऐसी ख़बरों…

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ओवररेटेड चुनाव आयोग का औसत काम, सांप्रदायिक बहसों पर क्यों नहीं लगाता लगाम

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छत्तीसगढ़ के दूसरे चरण के मतदान में 562 मशीनों के ख़राब होने की ख़बर छपी है। जिन्हें 15-20 मिनट में बदल देने का दावा किया गया है। चुनाव से पहले मशीनों की बक़ायदा चेकिंग होती…

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