Posts By Ravish Kumar

रवीश कुमार: EPFO के आंकड़ों को समझने का तरीका और ईज ऑफ इडिंग नथिंग का ढिंढोरा

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Huffington post के अक्षय देशमाने ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दावेदारी को लेकर एक लंबी स्टोरी की है। अक्षय ने लिखा है कि इस रपट के लिए उन्होंने बैठकों के मिनट्स के सैंकड़ों पन्ने…

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अमित शाह का पीछा करती फ़र्ज़ी एनकाउंटर की ख़बरें और ख़बरों से भागता मीडिया

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नहीं छपने से ख़बर मर नहीं जाती है। छप जाने से अमर भी नहीं हो जाती है। मरी हुई ख़बरें ज़िंदा हो जाती हैं। क्योंकि ख़बरें मैनेज होती हैं, मरती नहीं हैं। बस ऐसी ख़बरों…

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ओवररेटेड चुनाव आयोग का औसत काम, सांप्रदायिक बहसों पर क्यों नहीं लगाता लगाम

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छत्तीसगढ़ के दूसरे चरण के मतदान में 562 मशीनों के ख़राब होने की ख़बर छपी है। जिन्हें 15-20 मिनट में बदल देने का दावा किया गया है। चुनाव से पहले मशीनों की बक़ायदा चेकिंग होती…

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मतदान के घमासान के बीच से एक रिपोर्टर की व्हाट्स एप डायरी – रवीश कुमार

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सोमेश पटेल छत्तीसगढ़ से एनडीटीवी के लिए सूचनाएं भेजते रहते हैं। चूंकि मैं न्यूज़ की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल नहीं रहता इसलिए नहीं कह सकता कि इन तमाम सूचनाओं का क्या होता होगा।…

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क्या दस्सां के सीईओ एरिक ट्रैपिये रफाल के अलावा सत्तू भी बेचते हैं? – रवीश कुमार

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दस्सां एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपिये के इंटरव्यू के एक ही हिस्से की चर्चा हुई, शायद इसलिए क्योंकि गोदी मीडिया को लगा होगा कि इन जनाब ने मोदी सरकार को सर्टिफिकेट दे दिया है। ए…

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रवीश कुमार: राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावों में फोन बांटने का खेल क्या है

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हमारे वक्त की राजनीति को सिर्फ नारों से नहीं समझा जा सकता है। इतना कुछ नया हो रहा है कि उसके अच्छे या बुरे के असर के बारे में ठीक-ठीक अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो रहा…

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