Recent Posts

2014 के जनादेश ने कैसे बदल दिया मीडिया को। – पुण्य प्रसून बाजपेयी

, , No Comment

क्या वाकई भारतीय मीडिया को झुकने को कहा गया तो वह रेंगने लगा है। क्या वाकई भारतीय मीडिया की कीमत महज 30 से 35 हजार करोड की कमाई से जुड़ी है। क्या वाकई मीडिया पर…

Read Post →

वाजपेयी का राजधर्म – पुण्य प्रसून बाजपेयी

, , No Comment

वाजपेयी की कविताएं, वाजपेयी के साहसिक निर्णय। वाजपेयी की संवेदनशीलता। वाजपेयी की कश्मीर नीति। वाजपेयी की सरकार चलाने की काबिलियत। अटल बिहारी वाजपेयी को कैसे याद करें या किन किन खांचो में वाजपेयी को बांटे?…

Read Post →

15 अगस्त 1975 लालकिले और 15 अगस्त 2018 के लालकिले का फर्क? – पुण्य प्रसून बाजपेयी

, , No Comment

इमरजेन्सी लगाकर इंदिरा ने “नए भारत” का उदघोष किया अब मोदी “न्यू इंडिया” का ऐलान करेंगे। 15 अगस्त 1975 और 15 अगस्त 2018। दोनों में खास अंतर है। पर कुछ समानता भी है। 32 बरस…

Read Post →